Wojtek Bear Soldier की पूरी जानकारी Wojtek – The Soldier Bear 🐻 | असली भालू जिसने युद्ध में मदद की



🐻 Wojtek – Bear Soldier की कहानी







जन्म और शुरुआत

Wojtek एक सीरियन ब्राउन बियर था, जिसका जन्म 1942 के आसपास ईरान में हुआ था। उस समय द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था।
पोलैंड की सेना (Polish II Corps) जब ईरान से गुज़र रही थी, तब कुछ सैनिकों ने इस छोटे भालू के बच्चे को स्थानीय लड़के से खरीदा और उसे अपने साथ पालना शुरू कर दिया।

सेना में शामिल होना

Wojtek धीरे-धीरे बड़ा हुआ और सैनिकों का सच्चा साथी बन गया।
उसे आधिकारिक रूप से Polish Army में Private Wojtek के नाम से भर्ती किया गया।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि उसे सैनिकों के साथ खाना, राशन और सफर मिल सके।

आदतें और ट्रेनिंग

Wojtek इंसानों जैसा व्यवहार करने लगा था।

वह बीयर (शराब), सिगरेट और रोटी खाता था।

सैनिकों के साथ खेलता, रेसलिंग करता और पहरेदारी में साथ रहता।


सबसे मशहूर घटना – Battle of Monte Cassino (Italy, 1944)
द्वितीय विश्व युद्ध में इटली के Monte Cassino की लड़ाई के दौरान Wojtek ने गोला-बारूद के भारी-भरकम बक्से उठाकर ट्रकों से तोपखाने तक पहुँचाने में सैनिकों की मदद की।
इस वजह से सैनिकों ने उसका प्रतीक चिन्ह (Logo) भी बना लिया – एक भालू जो गोले का बक्सा उठा रहा है।

युद्ध के बाद
1945 में युद्ध खत्म होने के बाद Wojtek को स्कॉटलैंड के Edinburgh Zoo में रखा गया।
वहाँ लोग उसे “Soldier Bear” कहकर देखने आते थे।
Wojtek की मृत्यु 1963 में 21 साल की उम्र में हुई।




🌟 महत्व

Wojtek सिर्फ एक पालतू भालू नहीं था, बल्कि युद्ध का आधिकारिक सैनिक बना।

यह कहानी दोस्ती, भरोसे और युद्ध की कठिनाइयों में भी इंसान और जानवर के रिश्ते का अनोखा उदाहरण है।

आज भी पोलैंड और स्कॉटलैंड में उसकी प्रतिमाएँ (Statues) बनी हुई हैं।





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